अखिलेश यादव का आरोप- प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने मेरा कुर्ता फाड़ने की कोशिश की
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनका कुर्ता फाड़ने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका कुर्ता मजबूत कपड़े का होने की वजह से नहीं फटा।
‘कुर्ता फाड़ने वाले पुलिसकर्मी को पहचान सकता हूं’
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन के समय पुलिसकर्मी उनके कपड़े पकड़ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उनका कुर्ता खींचकर फाड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। सपा प्रमुख ने कहा कि यदि संबंधित पुलिसकर्मी को उनके सामने लाया जाए तो वह उसे पहचान सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और इसके वीडियो व तस्वीरें मौजूद हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करना। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को ऐसी कार्रवाई की ट्रेनिंग किसने दी, जिसमें प्रदर्शनकारियों के कपड़े पकड़ना और उनके साथ धक्का-मुक्की करना शामिल हो। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं था।
पीएम आवास के बाहर हुआ था विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसद छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने पहुंचे थे। कुछ देर बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और बाद में कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को पुलिस द्वारा मौके से हटाए जाने के वीडियो भी सामने आए।
घटना को लेकर जारी है राजनीतिक बयानबाजी
विरोध प्रदर्शन के बाद विपक्ष लगातार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।







