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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की तैयारी, भर्ती में रिश्वत के आरोपों की भी जांच तेज

अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी टिन्नू समेत गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छापेमारी और पूछताछ के दौरान मिले साक्ष्यों को इस कार्रवाई के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में विधिक राय ली जा रही है। गैंगस्टर एक्ट लागू होने की स्थिति में आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने जैसी कानूनी कार्रवाई करना पुलिस के लिए आसान हो जाएगा।

जांच के दौरान अब मामला केवल कथित चढ़ावा चोरी तक सीमित नहीं रहा है। मंदिर में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रिश्वतखोरी के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस अब मंदिर प्रतिष्ठान में हुई नियुक्तियों की भी जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान एक ट्रस्ट सदस्य का नाम सामने आया है, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मंदिर प्रतिष्ठान में करीब 125 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। आरोप है कि इनमें से कुछ उम्मीदवारों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। साथ ही कई कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने के कारण प्रत्येक भर्ती की अलग-अलग पड़ताल की जा रही है।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने करोड़ों रुपये की कथित चोरी में अपनी भूमिका स्वीकार करने का दावा किया है। उसने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और दान राशि की गणना प्रक्रिया में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।

इस बीच, मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) का कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताते हुए ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। एसआईटी अब 15 जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

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