AI समिट पर राहुल गांधी का हमला: कहा- अव्यवस्थित पीआर तमाशा, भारतीय डेटा बिक रहा और चीनी रोबोट का प्रदर्शन

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस आयोजन को ‘अव्यवस्थित पीआर तमाशा’ करार देते हुए आरोप लगाया कि यहां भारतीय डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा है और चीनी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही उपयोग करने के बजाय एआई समिट महज एक प्रचार कार्यक्रम बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि यहां भारतीय डेटा बेचा जा रहा है और चीनी प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इससे पहले कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी सरकार पर निशाना साधा गया। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि एआई समिट में चीनी रोबोट को भारतीय नवाचार बताकर पेश किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को ठेस पहुंची है। साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी सवाल उठाए गए कि वे इस पूरे मामले में सच्चाई सामने लाने के बजाय विवादित प्रस्तुति का समर्थन कर रहे हैं।पोस्ट में यह भी कहा गया कि सरकार ने एआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को मजाक बना दिया है, जबकि भारत अपने डेटा और तकनीकी क्षमता के दम पर इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता था।
Instead of leveraging India’s talent and data, the AI summit is a disorganised PR spectacle – Indian data up for sale, Chinese products showcased. https://t.co/5liaoX0XXp
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 18, 2026
विवाद की शुरुआत तब हुई जब नोएडा स्थितग लगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट में ‘ओरियन’ नाम से एक सर्विलांस रोबोट पेश किया। यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने दावा किया कि यह रोबोट संस्थान की 350 करोड़ रुपये की एआई पहल का हिस्सा है।हालांकि बाद में सामने आया कि प्रदर्शित रोबोट चीन में निर्मित ‘यूनिट्री Go2’ मॉडल है, जिसकी कीमत करीब 2.3 लाख रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के बाद विवाद और गहरा गया। सूत्रों के मुताबिक, मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी से समिट में अपनी स्टॉल खाली करने को कहा है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।





