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राहुल गांधी को मानहानि केस में बड़ी राहत, सुल्तानपुर कोर्ट ने किया बरी, फैसले के बाद कांग्रेस में जश्न

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के मामले में बरी कर दिया। करीब आठ साल पुराने इस प्रकरण में अदालत के फैसले से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी खुद अदालत में मौजूद रहे। फैसला सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। यह मामला भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाई खुशी

अदालत के फैसले की जानकारी सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कई कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए नारे लगाए और जश्न मनाया। कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए प्रतिक्रिया दी और ‘सत्यमेव जयते’ का संदेश साझा किया। राहुल गांधी की अदालत में पेशी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, ताकि सुनवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा है पूरा मामला

यह विवाद वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि आठ मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले का जिक्र किया था।

इस बयान को लेकर भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस टिप्पणी से अमित शाह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। गौरतलब है कि अमित शाह को सोहराबुद्दीन शेख मामले में वर्ष 2014 में अदालत से बरी कर दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ, जो कई वर्षों तक अदालत में चलता रहा।

2023 में अदालत ने राहुल गांधी को किया था तलब

मामले में आगे की सुनवाई के दौरान 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। बाद में शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने की मांग की गई। हालांकि, निचली अदालत ने इस अर्जी को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मामले को लेकर सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी कानूनी चुनौती दी गई, लेकिन वहां से भी शिकायतकर्ता को राहत नहीं मिली। राहुल गांधी सोमवार को इस मामले में व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।

खरगे के बयान पर भाजपा-कांग्रेस में सियासी बयानबाजी

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से बिहार के पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी पर भी राजनीतिक विवाद जारी है। भाजपा नेताओं ने खरगे के बयान की आलोचना करते हुए इसे अनुचित भाषा बताया है। राहुल गांधी को मानहानि मामले में राहत मिलने के बीच इस राजनीतिक बयानबाजी ने भी सियासी माहौल को गरमा दिया है। हालांकि, दोनों मामले अलग-अलग हैं और राहुल गांधी के खिलाफ सुल्तानपुर में चल रहा प्रकरण अमित शाह से जुड़ी वर्ष 2018 की टिप्पणी पर आधारित था।

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