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पुतिन की यूरोप को सीधी चेतावनी- यूक्रेन में सैनिक भेजे तो रूस से होगा युद्ध

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा है कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन की जमीन पर अपने सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ सीधे युद्ध के तौर पर देखेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने का कोई इरादा नहीं है।

‘यूक्रेन में सैनिक भेजना रूस से युद्ध के बराबर’

पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशों को रूस की ओर से किसी खतरे की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस न तो यूरोपीय देशों को धमकी दे रहा है और न ही ऐसा करने की उसकी कोई योजना है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी संघर्ष में जाने का कोई आधार नहीं है। हालांकि, यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह रूस के साथ युद्ध की स्थिति मानी जाएगी।

युद्ध के पांचवें साल में पहुंचा संघर्ष

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब यह पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान अमेरिका और कई यूरोपीय देश यूक्रेन को लगातार राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य समर्थन देते रहे हैं। वहीं, अमेरिका की ओर से संघर्ष को खत्म कराने और रूस-यूक्रेन के बीच बातचीत का रास्ता तलाशने की कोशिशें भी जारी हैं। इसी महीने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने मॉस्को की यात्रा के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी।

BRICS सम्मेलन के लिए भारत में हैं पुतिन

राष्ट्रपति पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हुए हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पुतिन से मुलाकात की। BRICS सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन से पहले हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में ‘प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030’ को लागू करने के साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

दो हफ्ते से भी कम समय में मोदी-पुतिन की दूसरी मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की शुक्रवार को हुई मुलाकात करीब दो हफ्ते के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी बैठक थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान मिले थे। BRICS सम्मेलन के बीच पुतिन का यूरोपीय देशों को दिया गया संदेश ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन में संभावित पश्चिमी सैन्य भागीदारी को लेकर चर्चा तेज है। रूस ने साफ संकेत दिया है कि यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती को वह सामान्य सैन्य सहायता के बजाय रूस के साथ सीधे टकराव के रूप में देखेगा।

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