नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बदले 8 बड़े नियम, ATM से LPG तक सब पर पड़ेगा असर

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो गई है और इसके साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बजट से जुड़े कई अहम नियम बदल गए हैं। एटीएम से पैसे निकालने, इनकम टैक्स, गैस सिलेंडर, फास्टैग और रेलवे टिकट तक कई ऐसे बदलाव लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
सबसे पहले बैंकिंग नियमों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक ने एटीएम से यूपीआई के जरिए कैश निकालने को अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर दिया है। महानगरों में 5 और अन्य शहरों में भी 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये चार्ज लगेगा। वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने कुछ कार्डों के लिए दैनिक निकासी सीमा 1 लाख रुपये से घटाकर 50 हजार रुपये कर दी है।
टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव हुआ है। नया इनकम टैक्स कानून 2025 लागू हो गया है, जिसने पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह ले ली है। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह ‘टैक्स ईयर’ की अवधारणा लागू होगी, जिससे टैक्स गणना और प्लानिंग में बदलाव आएगा।
शेयर बाजार में निवेश करने वालों को भी झटका लगा है। फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर पर 150 फीसदी और ऑप्शन पर करीब 50 फीसदी तक टैक्स बढ़ाया गया है।
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग का एनुअल पास महंगा हो गया है। 3000 रुपये में मिलने वाला पास अब 3075 रुपये का हो गया है, हालांकि इसमें 200 ट्रिप की सुविधा पहले जैसी ही रहेगी।
नए लेबर कोड के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव संभव है। बेसिक सैलरी को कुल वेतन का 50 प्रतिशत रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे पीएफ में योगदान बढ़ सकता है और हाथ में मिलने वाली सैलरी घट सकती है।
पैन कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त किए गए हैं। अब पैन बनवाने के लिए आधार के साथ अन्य दस्तावेज देना जरूरी होगा। साथ ही बड़े लेनदेन जैसे 10 लाख रुपये कैश जमा, 5 लाख रुपये तक का वाहन खरीद, होटल में 1 लाख से अधिक भुगतान और 20 लाख तक की संपत्ति खरीद पर पैन अनिवार्य कर दिया गया है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 195.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे व्यापारियों और आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि घरेलू सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
रेलवे यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन के नियम भी बदल गए हैं। अब 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर अधिकतम रिफंड मिलेगा। 72 से 24 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 25 प्रतिशत, 24 से 8 घंटे के बीच 50 प्रतिशत कटौती होगी, जबकि 8 घंटे से कम समय बचने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इन सभी बदलावों के लागू होने के साथ नए वित्त वर्ष में आम लोगों को अपने खर्च और बजट की नई रणनीति बनानी होगी।







