36 साल बाद श्रीनगर का रघुनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुला, रामनवमी पर गूंजी भक्ति की धुन

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर को 36 साल बाद हिंदू श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को मंदिर के द्वार फिर से खुले, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। झेलम नदी के किनारे स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। इस मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें घंटे-घड़ियाल की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। 36 साल बाद यहां रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा गुलाब सिंह ने करवाया था। पहले यहां रामनवमी के अवसर पर भव्य आयोजन और शोभायात्राएं निकाली जाती थीं। लेकिन 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद मंदिर बंद हो गया था और लंबे समय तक वीरान पड़ा रहा। अब मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद इसे फिर से खोला गया है। खास बात यह रही कि मंदिर के नवीनीकरण में स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। परंपरा के अनुसार हवन-पूजन के लिए मुस्लिम परिवारों ने लकड़ी और चावल उपलब्ध कराए, जो सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना।
उधर, जम्मू में भी रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं, चैत्र नवरात्रि के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कटरा बेस कैंप पर लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।







