न्यूज़ जर्नलिस्ट अंकित कुमार गोयल का कास्टिंग डायरेक्टर दीपक चौधरी के साथ एक्सक्लुसिव इंटरव्यू.

जब बात आती है सिनेमा, फ़िल्में और टीवी सीरियल की तो सबसे पहले दिमाग़ मेँ एक ही नाम आता है वो है अभिनेता या अभिनेत्री। इन्हीं अभिनेता या अभिनेत्री को किरदार के हिसाब से मौका देने का काम करते हैं कास्टिंग डायरेक्टर। कास्टिंग डायरेक्टर सिनेमा की दुनिया मेँ सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी जिम्मेदारी होती है , किसी भी फ़िल्म, वेब सीरीज़, सीरियल या विज्ञापन के लिए उपयुक्त अभिनेताओं का चयन करना। और किरदार को लॉक करना। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही प्रतिभावान कास्टिंग डायरेक्टर की जिसने फ़िल्म, वेब सीरीज़ और विज्ञापन की कास्टिंग प्रक्रिया की है।
*आपके अनुसार किसी भूमिका के लिए अभिनेता का चयन करते समय सबसे पहले क्या देखते हैं?*
सबसे पहले मैं यह देखता हूँ कि अभिनेता का व्यक्तित्व और उनकी आभा (aura) उस किरदार से कितनी मेल खाती है। लुक्स और फिटनेस तो ज़रूरी हैं, लेकिन उससे भी ज़्यादा अहम है कि वे किरदार को असलीपन के साथ जी पाएँ।
*आपके अनुसार कास्टिंग में सबसे बड़ी चुनौती क्या है और आप इसे कैसे पार करते हैं?*
सबसे बड़ी चुनौती है सही चेहरे और सही परफ़ॉर्मर को समय पर ढूँढना। कई बार विकल्प कम होते हैं और समय सीमित। मैं इसे नेटवर्किंग, लगातार नए चेहरों से जुड़े रहने और कास्टिंग टीम की मेहनत से पार करता हूँ।
*आपके लिए किसी अभिनेता की रसायन शास्त्र कितना महत्वपूर्ण है, जब आप उन्हें एक साथ कास्ट कर रहे हों?*
बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण। दो अच्छे अभिनेता तब तक स्क्रीन पर असरदार नहीं लगेंगे, जब तक उनकी केमिस्ट्री और तालमेल सही न हो। इसलिए ऑडिशन या वर्कशॉप्स में उनकी कैमिस्ट्री को चेक करना ज़रूरी होता है।
*आपने कभी किसी ऐसे अभिनेता के साथ काम किया है,जिसने आपकी अपेक्षाओं से अधिक प्रदर्शन किया हो?*
हाँ, कई बार ऐसा हुआ है। कभी-कभी नए चेहरे ऑडिशन में सामान्य लगते हैं, लेकिन कैमरे के सामने आते ही उनका परफ़ॉर्मेंस उम्मीद से कहीं बेहतर निकलता है। यही कास्टिंग का सबसे सुखद अनुभव होता है।
*आपके अनुसार एक अभिनेता की सबसे बड़ी ताकत क्या होनी चाहिए, जो उन्हें किसी भूमिका के लिए उपयुक्त बनाती है?*
सबसे बड़ी ताकत है उनका “सच्चापन” और “अनुशासन”। अगर अभिनेता ईमानदारी से किरदार को जीता है और मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, तो वह किसी भी भूमिका को सफलतापूर्वक निभा सकता है।
*आप किसी प्रोजेक्ट के लिए कास्टिंग करते समय दर्शकों की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन कैसे करते हैं?*
मैं ट्रेंड्स, सोशल मीडिया और दर्शकों की पसंद को समझने की कोशिश करता हूँ। साथ ही, प्रोजेक्ट के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की दृष्टि को भी जोड़ता हूँ। क्योंकि सही संतुलन ही लंबे समय तक दर्शकों पर असर डालता है।
*आपके पास कोई ऐसा अनुभव है जब आपको किसी अभिनेता को किसी भूमिका से हटाना पड़ा हो?*
हाँ, कभी-कभी परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ता है। जैसे कि शूट डेट्स मैच न होना, स्क्रिप्ट में बदलाव या कभी अभिनेता किरदार में पूरी तरह फिट न बैठना। यह मुश्किल फ़ैसला होता है, लेकिन प्रोजेक्ट की ज़रूरत हमेशा प्राथमिकता होती है।
*आप किसी फिल्म या शो के लिए कास्टिंग करते समय बजट की सीमाओं का सामना कैसे करते हैं?*
बजट सीमाएँ हमेशा रहती हैं। ऐसे में संतुलन बनाना पड़ता है – स्टार वैल्यू और टैलेंट के बीच। कई बार नए और मेहनती चेहरों को लेने से न सिर्फ़ बजट कंट्रोल होता है, बल्कि प्रोजेक्ट को नया और ताज़ा अहसास भी मिलता है।