हरियाणा में मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी राहत, भावांतर भरपाई योजना में शामिल हुआ शहद

हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब भावांतर भरपाई योजना में शहद को भी शामिल किया गया है, जिससे मधुमक्खी पालकों को उनके शहद उत्पादन का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
यह योजना सरकार की अनूठी पहल है, जिसके तहत बागवानी उत्पादों को बाजार में कम कीमत मिलने पर मुआवजा दिया जाता है। इसका उद्देश्य मूल्य अस्थिरता के जोखिम को कम करना और किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करना है। इस फैसले के बाद मधुमक्खी पालक काफी खुश नजर आए और उन्होंने सरकार का आभार जताया।
सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया है। योजना का लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को अपने प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर पीपीपी आईडी के अंतिम चार अंक और उसके बाद सीरियल नंबर अंकित करवाना अनिवार्य है।
इसके अलावा, लाभ पाने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधु क्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है। आवेदनकर्ता हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए।इस पहल से मधुमक्खी पालन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।







