CM भगवंत मान ने किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में खेलों को नशों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताया, युवाओं और गांवों के विकास की कई घोषणाएं

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स 2026 में हिस्सा लेकर खेलों को नशों के खात्मे के लिए सबसे घातक हथियार घोषित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के आगामी बजट में खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी ताकि पंजाब के युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में मोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछली सरकारों द्वारा बंद की गई बैल गाड़ियों की दौड़ें अब कानून में संशोधन के बाद फिर से शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और पदक घर लाएंगे, तो किसी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने किला रायपुर खेलों को पंजाब की ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए नई खेल नीति 2023 को राज्य में खेलों की शान बहाल करने की दिशा में अहम कदम बताया। इसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे।
उन्होंने किला रायपुर में आठ एकड़ तालाब के सौंदर्यीकरण और गांव में आधुनिक लाइब्रेरी निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट रोकने के लिए जनता के पैसे को सीधे विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। भगवंत मान ने कहा कि खेल नशों के खात्मे का सबसे बड़ा हथियार हैं और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने “खेड्डां वतन पंजाब दियां” के तीन सीजन सफलतापूर्वक आयोजित किए, जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां हिस्सा लेती दिखीं।
बैल गाड़ियों की दौड़ें 12 साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हुईं, जो पंजाब की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 2025 को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025’ पास होने के बाद यह परंपरागत खेल पुनर्जीवित हुआ। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम और गांवों में विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि फिरनी वाली सड़क का चौड़ीकरण, तालाब का सुधार, लाइब्रेरी का अपग्रेड, सिक्स-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ और फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही डेहलों-पखोवाल सड़क का नवीनीकरण 30 करोड़ रुपये की लागत से जल्द शुरू होगा।
स्वास्थ्य सुधार योजना के तहत हर परिवार 10 लाख रुपये तक नकद रहित इलाज के हकदार होंगे। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की। इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सौंद और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।







