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एआईएमआईएम के दिल्ली अध्यक्ष का विवादित बयान, कहा – “वंदे मातरम न राष्ट्रीय गान है और न ही संविधान का हिस्सा, हम इसे नहीं गाएंगे”

एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जमाई ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर सोशल मीडिया पर दिया गया बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “वंदे मातरम न तो राष्ट्रीय गान है और न ही संविधान का हिस्सा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने इस गीत को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है और इसे जबरन थोपने की कोशिश की जा रही है। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी दबाव में इसे नहीं गाएंगे। डॉ. जमाई के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का एक बयान विवादों में रहा था। मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने “हम दो, हमारे दो दर्जन” का नारा दिया था और मुस्लिम समुदाय से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उनके बयान पर भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया था।

वहीं हाल ही में एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी उत्तर प्रदेश में पार्टी विस्तार को लेकर बयान दिया था। तेलंगाना के निजामाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा था कि उनकी पार्टी यूपी में भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराएगी और संगठन को मजबूत करेगी। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई थी। बीते कुछ समय से एआईएमआईएम के नेताओं के बयानों को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से राजनीतिक बहस तेज होती है, वहीं विरोधी दल इसे मुद्दा बनाकर घेराव की रणनीति अपनाते हैं।

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