भारत बंद के बीच बैंक सेवाओं पर असर की आशंका, शाखाएं खुली रहेंगी लेकिन कामकाज हो सकता है प्रभावित

केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर गुरुवार को देशभर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत भारत बंद का पालन किया जा रहा है। इस हड़ताल में कई बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं, जिससे बैंक सेवाओं को लेकर ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि बैंक आधिकारिक रूप से खुले रहेंगे, लेकिन कई प्रमुख बैंकों ने सेवाओं में आंशिक व्यवधान की संभावना जताई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को सूचित करते हुए कहा है कि हड़ताल के चलते शाखाओं और कार्यालयों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने बयान में कहा है कि बैंक सामान्य रूप से कामकाज के लिए तैयार है, लेकिन हड़ताल की स्थिति में शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी तरह एसबीआई ने भी आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही है, हालांकि कुछ स्थानों पर सीमित प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता। यूको बैंक ने भी अपने पत्र में कहा है कि संचालन सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण सेवाओं में बाधा आ सकती है। ऐसे में 12 फरवरी को बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने लेन-देन की योजना पहले से बना लें, ताकि संभावित असुविधा से बचा जा सके।
इस हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) सहित कई प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल हैं। ये संगठन 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनियनों का आरोप है कि नए श्रम कानून श्रमिकों के हित में नहीं हैं और इससे ट्रेड यूनियन पंजीकरण की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। इसके अलावा बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन जैसी मांगों को लेकर भी आंदोलनरत हैं।







