भारत-EU FTA पर अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि का बयान, बोले– इस डील से भारत सबसे बड़ा विजेता

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर अमेरिका की ओर से अहम प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि भारत इस ट्रेड डील से सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में उभरा है। उनके मुताबिक, इस समझौते के जरिए भारत को यूरोप में ज्यादा मार्केट एक्सेस और इमिग्रेशन से जुड़े अवसर मिले हैं। ग्रीर ने कहा, “इस डील में भारत टॉप पर रहा है। उसे यूरोप में व्यापक बाजार पहुंच और इमिग्रेशन के फायदे मिले हैं। भारत इस समझौते से काफी लाभ उठाने वाला है।”
भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ बरकरार
हालांकि, जेमिसन ग्रीर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय आयात पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ अभी भी लागू है। फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने में प्रगति जरूर की है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सामानों पर 25 फीसदी अतिरिक्त ड्यूटी जारी है। इससे कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया है।
रूस के साथ ऊर्जा संबंध पूरी तरह खत्म करना मुश्किल
ग्रीर ने माना कि भारत के लिए रूस के साथ ऊर्जा संबंध पूरी तरह समाप्त करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारत को रूसी तेल पर मिलने वाला डिस्काउंट आकर्षक लगता है और अमेरिका इस मुद्दे पर भारत की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने भारतीय समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं।
स्कॉट बेसेंट के बयान से अलग रुख
भारतीय नेतृत्व के साथ संबंधों को सकारात्मक बताते हुए भी ग्रीर ने जोर दिया कि अमेरिका भारत की रूसी तेल खरीद पर सतर्क निगरानी रखे हुए है। उनका यह बयान दावोस 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की टिप्पणियों से अलग माना जा रहा है, जहां बेसेंट ने संकेत दिया था कि भविष्य में भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ कम किए जा सकते हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील एडवांस्ड स्टेज में
इस बीच, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में CNBC से बातचीत में कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच जिस ट्रेड डील का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है, वह अब एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुकी है।







