पटना गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामले में जांच तेज, छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए

पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत से जुड़े मामले में जांच ने अब तेजी पकड़ ली है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने छह संदिग्धों को अस्पताल लाकर उनके डीएनए सैंपल लिए हैं। यह प्रक्रिया जज और मेडिकल टीम की मौजूदगी में पूरी की गई। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
मामले में अहम मोड़ उस समय आया, जब फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में छात्रा के अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन छह लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं, उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों तक पहुंचने के लिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
यह मामला जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा से जुड़ा है, जो इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में अपने कमरे में बेहोश हालत में पाई गई थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। छात्रा के परिजनों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और यह भी कहा है कि पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की। इन आरोपों के बाद ही इस केस की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। जांच के तहत हॉस्टल परिसर का निरीक्षण कर उसे सील कर दिया गया है। इससे पहले SIT की टीम जहानाबाद जाकर छात्रा के परिजनों से भी मुलाकात कर चुकी है।
इस घटना के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया था कि छात्रा की मौत अत्यधिक नींद की गोलियां खाने के कारण हुई थी, हालांकि पूरे मामले की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है।







