गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता गिरफ्तार, फिरौती और जान से मारने की धमकी का मामला

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2024 में थाना सदर, श्री मुक्तसर साहिब में दर्ज एक एफआईआर के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह और मां प्रीतपाल कौर को एफआईआर नंबर 233 के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तीन दिसंबर 2024 को दर्ज हुआ था, जिसमें फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता आदर्श नगर की गली नंबर 1 में रहते थे और उन्हें कोटपुरा रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। यह एफआईआर उड़ेकरण गांव के निवासी सतनाम सिंह के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सतनाम सिंह, जो पंजाब शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 नवंबर 2024 को उन्हें ड्यूटी के दौरान एक फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले ने उन्हें धमकाते हुए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। रकम न देने पर सतनाम सिंह और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद सतनाम सिंह और उनके भाई ने थाना सदर, श्री मुक्तसर साहिब में शिकायत दर्ज कराई।
गोल्डी बराड़ के माता-पिता की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब पंजाब पुलिस गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी महीने की शुरुआत में पुलिस ने गोल्डी बराड़ से जुड़े एक जबरन वसूली गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके 10 साथियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान दो ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्तौल समेत 12 अत्याधुनिक हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन, जसप्रीत, शुभम, जतिन कटारिया, राजेश, मानव, विकासपाल, नरेश सेठी, जतिन मट्टू और मुकुल के रूप में हुई है। ये आरोपी संचार के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था। करीब तीन सप्ताह तक चले विशेष अभियान के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने कहा था कि इन सुनियोजित और रणनीतिक अभियानों के तहत न केवल भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े प्रमुख गुर्गों को भी जेल भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लुधियाना पुलिस संगठित अपराध और अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखेगी।







