नोएडा सेक्टर-150 हादसा: पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से इंजीनियर की मौत, SIT ने जांच तेज की

नोएडा सेक्टर-150 में निर्माणाधीन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को SIT ने लगभग आठ घंटे तक अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच के दौरान SIT ने SDRF, दमकल विभाग, डिजास्टर मैनेजमेंट, नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल, नियोजन, सिविल, इलेक्ट्रिकल विभाग और स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 80 अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में आए।
SIT ने उस SDRF टीम से भी पूछताछ की, जो मौके पर युवराज को बचाने गई थी, और पुलिस टीम के बयान भी दर्ज किए। जांच के दौरान SIT दो बार घटनास्थल पर गई और तीन बार नोएडा अथॉरिटी में बैठकर पूछताछ की। आज SIT जांच का पांचवां और आखिरी दिन है, और टीम अपनी रिपोर्ट पूरी कर सकती है। सेक्टर-150 में युवराज की मौत पानी से भरे गड्ढे में डूबने के कारण हुई थी। कोहरे के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे कार उसमें चली गई। SIT की जांच का मकसद लापरवाही और सुरक्षा मानकों की कमी का पता लगाना है।
दो दिन पहले भी SIT टीम नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 कार्यालय पहुंची थी, जहां प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अपने जवाब पेश किए। नोएडा प्राधिकरण ने करीब 60 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जबकि जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। SIT की पांच दिन की पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवराज की मौत के पीछे सिस्टम की कमजोरी थी या कोई अन्य लापरवाही हुई।







