हिमाचल प्रदेश : लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना समाप्ति पर फिर कानूनी चुनौती, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को समाप्त करने के लिए विधानसभा से पारित रिपील विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे एक बार फिर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग अपना पक्ष तैयार करने में जुट गया है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ यह रिपील विधेयक कानून का रूप ले चुका है और लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को बंद करने का वैध प्रावधान लागू हो गया है। इसके बावजूद कुछ याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका में सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए कहा गया है कि योजना समाप्त करने के पीछे के कारणों और पूरी प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता की जांच होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि योजना को बंद करने के पीछे क्या ठोस आधार हैं और क्या इसे समाप्त करते समय सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
इस रिपील विधेयक के लागू होने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राधारमण शास्त्री, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित कई नेताओं की सम्मान राशि बंद हो गई है। यह योजना आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोगों को दी जाती थी। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी की गई थी। उल्लेखनीय है कि गैर-भाजपा शासित कई राज्यों में यह योजना पहले ही समाप्त की जा चुकी है।







