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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के 11 साल पूरे: पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के साथ बेटियों की शक्ति को किया नमन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी सामाजिक अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को 11 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष पोस्ट साझा कर देशवासियों को बेटियों के महत्व का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें कहा गया है कि एक कन्या दस पुत्रों के समान होती है। श्लोक के अनुसार, जिस पुण्यफल की प्राप्ति दस पुत्रों के पालन-पोषण से होती है, वही फल एक कन्या के पालन-पोषण से भी मिल जाता है। पीएम मोदी ने लिखा,
“कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं।”

वीडियो के जरिए दिया संदेशप्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें संस्कृत में श्लोक ‘दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया।’ दिखाया गया है। वीडियो में इसके अर्थ को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में समझाया गया है, ताकि संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

क्या है ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान?

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को की गई थी। इसका उद्देश्य बेटियों के अस्तित्व, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। यह अभियान विशेष रूप से उन जिलों पर केंद्रित है, जहां शिशु लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है।

सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना

पीएम मोदी के इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिल रही है। एक यूजर ने लिखा, “जब बेटियों को अवसर मिलते हैं, देश का भविष्य मजबूत होता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने भारत की नई दिशा तय की है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “बेटियां सबसे अनमोल वरदान हैं। शिक्षित बेटी ही विकसित भारत और सशक्त समाज की नींव है।”

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