सीएम भगवंत मान सरकार ने किसानों और स्वास्थ्य के लिए बड़े फैसले किए, गन्ने की फसल पर सीधी सब्सिडी और योग प्रशिक्षण योजना की मंजूरी

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के किसानों, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने गन्ने की फसल पर 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी देने का ऐतिहासिक फैसला किया है, जिससे पंजाब अब पूरे भारत में गन्ने की सबसे अधिक कीमत देने वाला राज्य बन गया है।
कैबिनेट ने यह भी घोषणा की कि ‘सीएम दी योगशाला’ मुहिम को और मजबूत करने के लिए 1,000 नए योग प्रशिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, राज्य के तीन प्रमुख सिविल अस्पतालों को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) को सौंपा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। शहरी प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए म्युनिसिपल संपत्तियों के हस्तांतरण के नए नियमों को भी मंजूरी दी गई।
गन्ना सब्सिडी योजना:
गन्ना काश्तकारों के लिए स्टेट एग्रीड प्राइज (SAP) में बड़ी राहत दी गई है। निजी चीनी मिलों के माध्यम से किसानों को 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। वर्तमान में सरकार गन्ने का भाव 416 रुपए प्रति क्विंटल दे रही है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। पिछले साल के मुकाबले कीमत में 15 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य के हजारों गन्ना उत्पादक सीधे लाभान्वित होंगे।
स्वास्थ्य और योग:
‘सीएम दी योगशाला’ परियोजना के तहत 1,000 नए योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस मुहिम के लिए 35 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और लोगों को घर-घर मुफ्त योग प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
अस्पतालों का हस्तांतरण:
मुक्तसर, तरन तारन और फाजिल्का के प्रमुख सिविल अस्पताल अब BFUHS द्वारा प्रबंधित होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं और आधुनिक जांच सुविधाएं मिलेंगी, और उन्हें जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
शहरी प्रशासन और जमीन हस्तांतरण
नए नियमों के तहत म्युनिसिपल संपत्तियों का सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जो जमीन आवंटन की सिफारिश करेगी।
बागवानी में जापानी तकनीक
कैबिनेट ने बागवानी क्षेत्र में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की तकनीक लागू करने की मंजूरी दी है। यह परियोजना कोल्ड चैन इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल जल प्रबंधन पर आधारित होगी। इससे फलों और सब्जियों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार आधुनिक उत्पादन करने में मदद मिलेगी। इस बैठक के फैसले पंजाब के किसानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और युवाओं के रोजगार को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य के विकास को नई दिशा देने वाले हैं।







