चर्चित कथावाचक श्रवण दास नाबालिग से रेप के आरोप में गिरफ्तार, सहयोगी मौनी बाबा फरार

दरभंगा। बिहार के दरभंगा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने मिथिलांचल के चर्चित कथावाचक श्रवण दास महाराज को नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में कथावाचक का सहयोगी और गुरु मौनी बाबा फिलहाल फरार है और उसकी भूमिका की जांच जारी है।
दरभंगा के SSP जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि यह कार्रवाई SDPO राजीव कुमार की अगुवाई में गठित SIT ने की। उन्होंने बताया कि महिला पुलिस स्टेशन, लहरियासराय पुलिस स्टेशन और आस-पास के थानों की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर श्रवण दास महाराज को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से गिरफ्तार किया।
कौन हैं श्रवण दास महाराज?
श्रवण दास महाराज, जिनका असली नाम श्रवण ठाकुर है, दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के पर्री गांव के निवासी हैं। वह वर्तमान में लहरियासराय थाना क्षेत्र के पचाढ़ी छावनी स्थित रामजानकी मंदिर में रह रहे थे।
प्राथमिकी के अनुसार, श्रवण दास महाराज ने पीड़िता को शादी का प्रलोभन देकर लगभग एक साल तक यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गर्भवती होने पर उसे गर्भपात कराने का दबाव भी डाला गया। यह शिकायत पीड़िता की मां ने दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। SSP जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि मौनी बाबा की गिरफ्तारी के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है और उसकी भूमिका की विस्तार से जांच की जाएगी।
श्रवण दास महाराज पहले ऐसे कथावाचक नहीं हैं जिन पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हों। इससे पहले आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम, फलाहारी बाबा और स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती जैसे धार्मिक गुरु भी इसी तरह के मामलों में आरोपित रहे हैं। इनमें से कई जेल की सजा भी काट रहे हैं।
आसाराम बापू को 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया।
गुरमीत राम रहीम को अपनी दो साध्वियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी ठहराया गया।
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे, मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।







