बीएमसी चुनाव प्रचार में तीखी बयानबाजी, नितेश राणे के भड़काऊ बयान पर सियासी घमासान

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित राज्य की 29 नगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। हालांकि, विकास और स्थानीय मुद्दों की जगह चुनावी मंचों पर धार्मिक बयानबाजी हावी होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। वसई में आयोजित महानगरपालिका चुनाव प्रचार सभा को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने हिंदुत्व के मुद्दे पर तीखे और विवादास्पद बयान दिए।
नितेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार हिंदुत्ववादी सोच वाली है और मुख्यमंत्री भी उसी विचारधारा के हैं। उन्होंने दावा किया कि मुंबई का अगला मेयर भी हिंदुत्ववादी सोच वाला ही होगा। उन्होंने मंच से कहा कि “आई लव महादेव” कहने वाले को ही अगला मेयर बनाया जाना चाहिए। सभा के दौरान नितेश राणे ने धार्मिक नारों और समुदाय विशेष को लेकर आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि शहर में केवल “जय श्री राम” बोलने वाले ही नजर आने चाहिए। उनके बयान में हिंसा और धमकी के संकेत भी देखने को मिले, जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
नितेश राणे ने आगे कहा कि हिंदू समाज की ओर “गंदी नजर” से देखने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हिंदू त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिंदू समाज को इतनी ताकत दी जाएगी कि कोई भी उसे नुकसान पहुंचाने की हिम्मत न कर सके। इस बयान के सामने आने के बाद चुनाव प्रचार में बढ़ती सांप्रदायिक बयानबाजी पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों ने इसे चुनाव आचार संहिता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताते हुए आलोचना की है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है बीएमसी चुनाव से पहले इस तरह के बयानों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







