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भारत-पाक युद्ध रुकवाया, करोड़ों की जान बचाई, ट्रंप बोले- मुझे ही मिलना चाहिए नोबेल शांति पुरस्कार

नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दुनिया भर में 8 बड़े युद्ध और सैन्य टकरावों को रुकवाया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध भी शामिल है।व्हाइट हाउस में अमेरिकी तेल उद्योग से जुड़े नेताओं के साथ हालिया बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी और दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न होने के कारण पूरी दुनिया चिंतित थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बिना किसी परमाणु हथियार के इस्तेमाल के इस टकराव को बेहद तेजी से रोक दिया।

ट्रंप ने कहा, “मैंने 8 युद्ध खत्म किए। कुछ तो बस शुरू होने ही वाले थे, जैसे भारत और पाकिस्तान। उस समय 8 लड़ाकू विमान मार गिराए जा चुके थे। मैंने इसे बहुत जल्दी रोक दिया। इतिहास में मुझे लगता है कि मुझसे ज़्यादा नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार कोई नहीं है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री स्वयं व्हाइट हाउस आए थे और सार्वजनिक रूप से कहा था कि ट्रंप के हस्तक्षेप से भारत-पाक युद्ध टल गया, जिससे करीब एक करोड़ लोगों की जान बची, क्योंकि युद्ध बेहद विनाशकारी हो सकता था।

2025 का भारत-पाक सैन्य तनाव

यह बयान 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए गंभीर सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बड़े आतंकी हमले में कई लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। पाकिस्तान ने इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए दावा किया था कि उसने भारतीय वायुसेना के कई आधुनिक लड़ाकू विमान मार गिराए हैं। अलग-अलग रिपोर्ट्स में 5 से 8 जेट गिराए जाने की बात कही गई, हालांकि पाकिस्तान इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। वहीं भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही थी, जिनकी मरम्मत कई महीनों तक नहीं हो सकी। इस दौरान दोनों देशों के बीच हवाई झड़पें हुईं, सीमा पर गोलीबारी तेज हुई और हालात युद्ध जैसे बन गए। चूंकि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई थी।

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने व्यापारिक दबाव और टैरिफ की चेतावनी देकर दोनों देशों को युद्ध आगे बढ़ाने से रोका। वे इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हैं। हालांकि भारत ने इन दावों को लगातार खारिज किया है। भारत की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि यह मामला पूरी तरह द्विपक्षीय था और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं पड़ी। दूसरी ओर, पाकिस्तान की तरफ से उस समय तनाव कम करने की अपील की गई थी। गौरतलब है कि ट्रंप पिछले कुछ महीनों में इस दावे को करीब 70 बार दोहरा चुके हैं। नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर उनकी यह मांग नई नहीं है। वे इससे पहले भी कई मौकों पर अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हुए इस पुरस्कार के हकदार होने की बात कह चुके हैं।

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