ईरान में आधी रात हिंसा और आगजनी, 50 शहरों में इंटरनेट बंद, एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव

ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ जनआक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी तेहरान समेत देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। गुरुवार रात सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं।
प्रदर्शनों के बीच ईरानी प्रशासन ने राजधानी सहित कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, लाइव डेटा से पता चला है कि कई इंटरनेट सेवा प्रदाताओं की कनेक्टिविटी बाधित हुई है, जिससे देश के कई हिस्से पूरी तरह ऑफलाइन हो गए हैं। तेहरान के स्थानीय सूत्रों ने भी राजधानी में इंटरनेट ठप होने की पुष्टि की है।
पूरे देश का एयरस्पेस बंद, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय
हालात को देखते हुए ईरान सरकार ने पूरे देश का एयरस्पेस बंद कर दिया है। तेहरान का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की आवाजाही रोकी जा सके। इसके साथ ही देश में एयर डिफेंस सिस्टम को भी सक्रिय कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए ये प्रदर्शन पहले ईरानी मुद्रा रियाल की गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ थे। बाद में यह आंदोलन बेरोजगारी, आवश्यक वस्तुओं की कमी और पश्चिमी प्रतिबंधों से पैदा हुए गहरे आर्थिक संकट के विरोध में तब्दील हो गया, जो अब सीधे इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
रेजा पहलवी की अपील पर सड़कों पर उतरे लोग
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की अपील के बाद गुरुवार रात ठीक 8 बजे बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाही मुर्दाबाद’ और ‘इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। वहीं शाह के समर्थन में ‘यह आखिरी लड़ाई है, पहलवी वापस आएंगे’ जैसे नारे भी सुनाई दिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के करीब 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शाह के समर्थन में नारेबाजी करना पहले मौत की सजा के बराबर अपराध माना जाता था।
कौन थे शाह मोहम्मद रेजा पहलवी?
1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले ईरान के तत्कालीन शाह मोहम्मद रेजा पहलवी देश छोड़कर अमेरिका चले गए थे। उनके बेटे रेजा पहलवी तब से अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
ईरान में जारी संकट पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईरान से परमाणु मुद्दे पर गंभीर और वास्तविक बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि यही सबसे समझदारी भरा रास्ता है।







