CM भगवंत मान का ऐलान- पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ पर कोई समझौता नहीं, केंद्र के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब सरकार, राज्य से उसकी राजधानी चंडीगढ़ छीनने के भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के नापाक इरादों को कभी सफल नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़, पंजाब का अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आगामी संसदीय सत्र में संविधान की धारा 240 के तहत पंजाब की राजधानी को भी अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के साथ जोड़ने के लिए लाई जा रही संशोधन संबंधी प्रस्ताव को किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि हर राज्य का अपनी राजधानी पर पूर्ण अधिकार होता है, लेकिन पंजाब को उसकी राजधानी सौंपने से लगातार बचकर, राज्य के साथ भारी अन्याय किया जा रहा है। भाजपा-नीत केंद्र सरकार खुलेआम धक्केशाही पर उतारू है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य को उसकी राजधानी से वंचित नहीं किया जाता, जबकि पंजाब को उसकी अपनी राजधानी से अलग कर दिया गया। उन्होंने खेद जताया कि पहले की सरकारों ने भी चंडीगढ़ को पंजाब को न सौंपकर धक्केशाही की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कहीं और ऐसी मिसाल नहीं मिलती जहां भाषा के आधार पर राज्य का गठन होने के बाद उसे उसकी राजधानी से वंचित कर दिया गया हो। पंजाब लंबे समय से केंद्र की धक्केशाही का शिकार रहा है और अब मोदी सरकार ऐसे मनमाने फैसले लेकर पंजाबियों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।







