मोसाद के लिए जासूसी करने वाले इजरायली जासूस को ईरान में दी गई फांसी

नई दिल्ली। ईरान ने बुधवार को एक व्यक्ति को मौत की सजा दी, जिस पर इजरायल के खुफिया संगठन मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप था। ईरानी न्यायपालिका की मिजान न्यूज एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान कुरोश कीवानी के रूप में की गई है। रिपोर्ट के अनुसार कीवानी को दोषी पाया गया कि उसने ईरान के संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और जानकारी मोसाद को उपलब्ध कराई। इस कदम को अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है।
ईरान ने पिछले एक दशक में इजरायल से जुड़ी खुफिया गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में कई लोगों को मौत की सजा दी है। जब क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है, तब ऐसे मामलों में फांसी की सजा और तेज़ हो जाती है। जेरुसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 28 जनवरी को भी ईरान ने एक इजरायली जासूस हामिद्रेजा सबेट एस्माईलिपुर को मोसाद से संबंध रखने के आरोप में फांसी दी थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल की खुफिया ताकत मोसाद की वजह से ही इतनी प्रभावशाली मानी जाती है। यह एजेंसी ईरान और अन्य देशों में जासूसी, आतंकवाद रोकने और गुप्त मिशन (ब्लैक ऑपरेशन) चलाने में माहिर है। दशकों से मोसाद ने अपने ऑपरेशन्स को इतने जटिल तरीके से अंजाम दिया है कि देश की सुरक्षा से जुड़े खतरे पहले ही समाप्त हो जाते हैं।







