Main Slideअन्तर्राष्ट्रीय

खामेनेई की मौत पर IRGC का भावुक पोस्ट, लिखा- वो मरे नहीं, अमर हैं

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का एक आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसने क्षेत्रीय हालात को और संवेदनशील बना दिया है। बयान में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को “शहादत” बताया गया है और अमेरिका-इज़रायल पर सीधे आरोप लगाए गए हैं।

कुरान की आयत से शुरू हुआ संदेश

IRGC ने अपने वक्तव्य की शुरुआत कुरान की उस आयत से की, जिसमें कहा गया है कि ईश्वर की राह में मारे गए लोगों को मृत न समझा जाए। संगठन ने खामेनेई को “शहीदों का ध्वजवाहक” बताते हुए कहा कि उनका बलिदान ईरान की आत्मा को और मजबूत करेगा। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि पवित्र महीने में उनकी मृत्यु को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और ईरान के भीतर समर्थकों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

अमेरिका-इज़रायल पर गंभीर आरोप

IRGC ने हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इज़रायल को जिम्मेदार ठहराया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का उल्लंघन है। संगठन ने दोनों देशों को “आक्रमणकारी” करार देते हुए कहा कि इस घटना का जवाब दिया जाएगा।
हालांकि, बयान में किसी ठोस सैन्य योजना या समयसीमा का जिक्र नहीं किया गया, लेकिन शब्दों की तीव्रता ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

बदले के संकेत, बढ़ी चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि IRGC का यह बयान घरेलू समर्थन को मजबूत करने और राजनीतिक-सैन्य एकजुटता दिखाने की कोशिश भी हो सकता है। खामेनेई की मौत के बाद पहले ही 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जा चुकी है और देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी उकसावे या जवाबी कार्रवाई से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है। फिलहाल, मध्य-पूर्व की स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं और आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में जाता है, इस पर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा समीकरण निर्भर करेंगे।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close