मिडिल ईस्ट में जंग का बिगुल, खामेनेई की मौत से भड़का ईरान, इन आठ देशों पर किया अटैक

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शनिवार को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया। अमेरिकी प्रशासन ने इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है, जबकि इज़रायल ने इसे “लायन्स रोर” करार दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई बताया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों के दौरान ईरान की राजधानी में कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के कार्यालय के आसपास का इलाका भी शामिल बताया जा रहा है।
ईरान का पलटवार, खाड़ी में बढ़ा तनाव
हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और ईरानी सेना ने मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
कतर, बहरीन, जॉर्डन और इराक समेत कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। वहीं आबू धाबी और दुबई सहित संयुक्त अरब अमीरात के अन्य हिस्सों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ईरान ने साफ कहा है कि उसका निशाना क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़रायली सैन्य ठिकाने और संपत्तियां हैं।
इज़रायल में सायरन, नागरिकों को शेल्टर में जाने के निर्देश
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के बीच इज़रायल में सायरन बजाए गए। नागरिकों को तुरंत सुरक्षित शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में गाजा में बढ़े तनाव और शांति प्रयासों के बाद एक बार फिर इज़रायल में आपात हालात जैसे हालात बन गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और हवाई रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गई हैं।
वैश्विक असर: तेल बाजार और व्यापार पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सैन्य टकराव अगर लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्ग और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गहरा असर पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है।
हवाई सेवाओं पर असर, उड़ानें रद्द
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा है। एयर इंडिया ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस क्षेत्र के लिए अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हालात सामान्य होने तक सेवाएं निलंबित रहेंगी।
इससे पहले खाड़ी देशों और सीरिया ने भी एहतियातन अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। वहीं Turkish Airlines ने भी 2 मार्च तक मध्य-पूर्व के लिए अपनी उड़ानें स्थगित करने की घोषणा की है।
फिलहाल, हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। दुनिया भर की नजरें इस टकराव पर टिकी हैं और आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।







