आईजीएमसी में 23 करोड़ की थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन शुरू, हमीरपुर में हेलीपोर्ट और बस अड्डे का निरीक्षण

शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस मशीन की खरीद पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नई मशीन से छोटे ट्यूमर, सूक्ष्म चोटों और मस्तिष्क की नसों की अधिक स्पष्ट और सटीक तस्वीरें ली जा सकेंगी, जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों का सटीक निदान संभव होगा।
थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन का डाया बड़ा होने के कारण मरीजों को स्कैन के दौरान घुटन महसूस नहीं होगी और इसकी आवाज भी अपेक्षाकृत कम है। यह हृदय, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और लिगामेंट की जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीक मानी जाती है। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर की उपस्थिति में मशीन पर स्कैन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मशीन 19 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन की जगह स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी के ऑर्थोपेडिक विभाग को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा और जल्द ही रोबोटिक ऑर्थोपेडिक तथा स्पाइन सर्जरी की शुरुआत की जाएगी। अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना, नेरचौक, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और टांडा अस्पताल में एम्स के समकक्ष आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने बिना किसी मांग के अस्पतालों में पुराने उपकरणों को बदलकर अत्याधुनिक मशीनें लगाने का निर्णय लिया है। रेडियोलॉजी विभाग की प्रमुख चिकित्सक ने भी आईजीएमसी और कमला नेहरू अस्पताल में पुरानी मशीनों को बदलने की आवश्यकता बताई है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों के लिए देश और विदेश के आधुनिक संस्थानों में एक्सपोजर टूर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि आम और गरीब मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो और उन्हें निजी अस्पतालों या पीजीआई जाने की आवश्यकता न पड़े। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी, शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, आईजीएमसी की प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हमीरपुर में निर्माणाधीन हेलीपोर्ट और बस अड्डे का निरीक्षण
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के जसकोट में 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलीपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे मई माह तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। पर्यटन विकास से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। हाल ही में संजौली हेलीपोर्ट से चंडीगढ़ और रिकांगपिओ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ और संजौली-मनाली मार्ग पर भी शीघ्र सेवाएं आरंभ की जाएंगी। उन्होंने 123 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन हमीरपुर बस अड्डे का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों परियोजनाओं का कार्य तेजी से प्रगति पर है और इन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।







