स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को बताया झूठा, कहा- सच्चाई जल्द सामने आएगी

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज हुआ है। पुलिस ने शंकराचार्य के साथ उनके एक शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 लगाई गई हैं। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, जिनमें धारा 351(2) भी शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में 2-3 अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी स्थित अपने मठ में कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे कहीं भाग नहीं रहे हैं। उनके अनुसार मामला झूठा है और सच्चाई जल्द सामने आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि माघ मेले के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगे थे और मीडिया की मौजूदगी भी थी। ऐसे में इस तरह की घटना संभव नहीं है। शंकराचार्य ने आरोप लगाने वाले व्यक्ति को हिस्ट्रीशीटर बताया और कहा कि न्यायालय उसकी बात सुन रहा है, जबकि उनकी बात को महत्व नहीं दिया जा रहा। शंकराचार्य ने कहा कि प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और संबंधित लड़के उनके गुरुकुल में पढ़े ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे पुलिस जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।







