सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी में निवेश बढ़ाने के लिए टेमासेक से अहम बैठक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने आधिकारिक विदेशी दौरे के पहले चरण में सिंगापुर पहुंच गए हैं। सिंगापुर पहुंचने पर होटल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी गया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है।
टेमासेक करेगा 1000 करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी Temasek Holdings के चेयरमैन टीओ ची हियान और उनकी टीम के साथ उनकी बेहद सफल और सार्थक बैठक हुई। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, अक्षय ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में संप्रभु निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य की निवेश अनुकूल नीतियों और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस प्रणाली को भी प्रमुखता से रखा। टेमासेक ने उत्तर प्रदेश में अस्पताल और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
दूसरा आधिकारिक विदेशी दौरा
मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का यह दूसरा आधिकारिक विदेशी दौरा है। इससे पहले वर्ष 2017 में उन्होंने म्यांमार की यात्रा की थी। वर्तमान में जापान और सिंगापुर की कई कंपनियां उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं, जिससे राज्य में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सिंगापुर और जापान में निवेशकों से मुलाकात
23 से 26 फरवरी तक प्रस्तावित इस दौरे के तहत 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। जिन क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा, उनमें लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल पार्क, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीबिजनेस, एविएशन इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी, फिनटेक और स्टार्टअप, हॉस्पिटैलिटी, थीम पार्क और पूंजी निवेश शामिल हैं। इसके बाद 25 और 26 फरवरी को जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री 8 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस चरण में ऑटोमोबाइल निवेश और सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।इस दौरे को उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







