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सीएम सुक्खू बोले- नई ट्रांसफर नीति में समय लगेगा, पुरानी नीति जारी रहेगी; स्कूलों में 18 हजार से ज्यादा पद खाली

प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर और स्कूलों में पदों की स्थिति पर विधानसभा में सवाल-जवाब हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नई ट्रांसफर नीति आने में अभी समय लगेगा, तब तक पुरानी नीति जारी रहेगी।भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने ट्रांसफर के मापदंड, नियम और म्यूचुअल ट्रांसफर को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मंत्री विकास कार्यों के बजाय तबादलों में उलझे रहते हैं, जिससे विभागों का काम प्रभावित होता है और कई योजनाएं लंबित रह जाती हैं।

सीएम सुक्खू ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी का नियम लागू है। मोबाइल एप से हाजिरी 50 मीटर की दूरी पर एक्टिव होती है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में यह एरियल डिस्टेंस स्कैंडल प्वाइंट बनता है, जिसके लिए सरकार नियम बदल रही है। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने यह भी सवाल पूछा कि कौन अधिकारी बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाते और बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं।

स्कूलों में रिक्त पदों की स्थिति

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में 11,716 शिक्षक और 6,328 गैर-शिक्षक पद रिक्त हैं। वर्तमान में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात क्रमशः 12, 7, 8 और 11 है।मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। सरकार ने 42 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने का निर्णय लिया है, जिनमें से 11 का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा मौजूदा सरकारी स्कूलों को भी डे-बोर्डिंग स्कूल में उन्नत किया जा रहा है। प्रदेश के 130 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों में शिक्षकों के पद राज्य लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। विशेष योजना के तहत 400 अंग्रेजी शिक्षक, 400 गणित शिक्षक, 150 संस्कृत शिक्षक, 150 शारीरिक शिक्षा शिक्षक, 150 संगीत शिक्षक और 150 कला शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।

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