SIR में फॉर्म-7A के जरिए पीडीए के वोट काटे जा रहे: अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा आरोप

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म-7A के जरिए बड़े पैमाने पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि कुर्मी, पटेल, पाल, मौर्य, लोध, लोधी, यादव, पासी, पासवान, निषाद, मल्लाह, केवट, कश्यप, कुम्हार, प्रजापति, सोनकर, कोरी, अंसारी, भारती, कनौजिया, बिंद, सैंथवार, भर, राजभर, कुंजरा, रयीन, गुर्जर, गडेरिया, गद्दी, घोसी, माली, सैनी, मणिहार, काचर, हज्जाम, सलमानी, तेली, धोबी, गंगवार, बाथम, जाट सहित अन्य समुदायों के नाम हटाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह सूची और भी लंबी हो सकती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि चुनाव आयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वह सूची सार्वजनिक कर दे, जो कथित तौर पर भाजपा द्वारा वोट कटवाने के लिए दी गई है, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मांग की कि सुनवाई केंद्र 1-2 किलोमीटर की दूरी के भीतर बनाए जाएं और हर शिकायत की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
अखिलेश यादव ने पंचायत चुनावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार आरक्षण के मुद्दे पर पंचायत चुनाव टाल रही है क्योंकि उसे अंदेशा है कि गांव-गांव में जनता उसके खिलाफ मतदान करने को तैयार बैठी है। उन्होंने कहा कि सरकार न तो जनगणना करवा रही है और न ही जातिगत गणना कर रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिनके नाम काटे जा रहे हैं, उनकी समस्या की जड़ जाति से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा से जुड़े प्रभावशाली लोगों और प्रशासनिक संरक्षण में किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने पीडीए समाज के लोगों से सतर्क रहने और जिनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है, उनकी मदद करने की अपील की।







