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ईशा महाशिवरात्रि में राष्ट्र सेवा का सम्मान, विज्ञान से सेना तक के दिग्गजों को मिला ‘भव्य भारत भूषण’

देश के निर्माण और प्रगति में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के उद्देश्य से ईशा योग केंद्र में आयोजित महाशिवरात्रि समारोह के दौरान ‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड्स’ की शुरुआत की गई। इस अवसर पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से इन पुरस्कारों को प्रदान किया।

यह इस सम्मान का पहला संस्करण था। इस पहल के माध्यम से उन विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने कार्य, दृष्टि और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सद्गुरु ने इस मौके पर कहा, “राष्ट्र सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं होता, राष्ट्र उसके लोग होते हैं। जब लोग प्रेरित और प्रतिबद्ध होते हैं, तभी एक महान राष्ट्र – भव्य भारत – का निर्माण संभव है। घोषणा के अनुसार, हर वर्ष कॉरपोरेट/व्यवसाय, कला एवं साहित्य, खेल, सामुदायिक कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सात पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को मिला सम्मान

वर्ष 2026 के सम्मानित व्यक्तित्वों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नंबी नारायणन और किरण कुमार को उनके शोध और तकनीकी योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिनके कार्यों ने भारत की वैज्ञानिक क्षमता को नई ऊंचाई दी है। शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में अलारमेल वल्ली को भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए सम्मान मिला। संगीत जगत में विख्यात वायलिन वादक एन. राजम को उनकी विशिष्ट प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में विक्रम संपत को उनके शोधपूर्ण लेखन और ऐतिहासिक तथ्यों को सामने लाने के प्रयासों के लिए सम्मान दिया गया। खेल जगत में बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को उनके शानदार प्रदर्शन और देश का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया गया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए सशस्त्र बलों को विशेष सम्मान

रक्षा श्रेणी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों को विशेष सम्मान दिया गया। इनमें पश्चिमी वायु कमान के एओसी-इन-सी एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (भारतीय वायु सेना), दक्षिणी कमान के 12 कोर (डेजर्ट कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एवीएस राठी (भारतीय थल सेना) और पश्चिमी नौसैनिक कमान के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल आर.वी. गोखले (भारतीय नौसेना) शामिल रहे। यह सम्मान सशस्त्र बलों की मानवीय सेवा और निर्णायक कार्रवाई, दोनों भूमिकाओं को रेखांकित करता है।

लाखों लोगों तक पहुंचा समारोह

महाशिवरात्रि के इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम का प्रसारण दुनिया भर में लाखों दर्शकों ने देखा। समारोह के दौरान आध्यात्मिक प्रेरणा और राष्ट्र सेवा के संगम को प्रमुखता दी गई। सद्गुरु ने कहा कि सच्चा राष्ट्र निर्माण भीतर से परिवर्तन से शुरू होता है और ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व समाज को आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं।‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड्स’ के जरिए देश के उन नायकों को सामने लाने की पहल की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।

 

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