हरियाणा सरकार ने शुरू की रूफटॉप सोलर योजना, घरों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन संभव

हरियाणा सरकार ने बिजली के बढ़ते खर्च को कम करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रूफटॉप सोलर योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर स्वयं बिजली उत्पन्न की जा सकेगी। सरकार सब्सिडी और वित्तीय सहायता देकर शुरुआती खर्च को कम करने में मदद करेगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवार भी सौर ऊर्जा अपनाने में सक्षम होंगे। यह पहल केंद्र सरकार की ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के प्रमुख लाभ
दिन के समय उत्पन्न बिजली से घर के पंखे, लाइट, फ्रिज और अन्य उपकरण चलाए जा सकते हैं।
बिजली कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और मासिक बिजली बिल घटेगा।
आवासीय घरों, व्यावसायिक इमारतों, संस्थानों और औद्योगिक भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं।
लक्ष्य और वित्तीय सहायता
हरियाणा सरकार ने 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डा. मनी राम शर्मा ने बताया कि “सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना” के तहत उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
तीन श्रेणियों में सहायता दी जाएगी:
श्रेणी-एक: गैर-डिफाल्टर उपभोक्ता जिनके बिल 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 तक बकाया नहीं हैं।
श्रेणी-द्वितीय: राज्य सरकार, बोर्ड, निगम और निकायों के कर्मचारी।
श्रेणी-तीन: अंत्योदय परिवार जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है।
वित्तीय सहायता:
प्रथम और द्वितीय श्रेणी के लिए ₹19,500 प्रति केडब्ल्यूपी (अधिकतम ₹97,500 तक पांच केडब्ल्यूपी तक)
अंत्योदय परिवार के लिए ₹25,000 प्रति केडब्ल्यूपी या वास्तविक लागत का 40% (दो केडब्ल्यूपी तक)
वार्षिक आय 1.80 से 3 लाख रुपये वाले उपभोक्ताओं के लिए ₹10,000 प्रति केडब्ल्यूपी (अधिकतम दो केडब्ल्यूपी)
सहायता राशि विद्युत बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किस्तों में बिना ब्याज वसूल की जाएगी।
यह योजना हरियाणा के घरों को ऊर्जा सशक्त बनाने और बिजली खर्च कम करने की दिशा में बड़ा कदम है।







