भगवंत मान की यूरोप यात्रा राजनीतिक मंजूरी न मिलने के कारण रद्द

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित यूरोपीय यात्रा के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति सामने आई है। जानकारी के अनुसार, नीदरलैंड और चेक गणराज्य की उनकी यात्रा के लिए समय पर राजनीतिक मंजूरी न मिलने के कारण दौरा आखिरी समय में रद्द करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री एक सप्ताह के यूरोपीय दौरे पर 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले थे। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रवि भगत, उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उद्योग एवं निवेश पंजाब विभाग के अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल की उड़ान शनिवार मध्यरात्रि को निर्धारित थी, लेकिन राजनीतिक मंजूरी न मिलने के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि जब तक मंजूरी मिली, तब तक यात्रा पहले ही रद्द हो चुकी थी और नीदरलैंड तथा चेक गणराज्य में तय बैठकों को भी अचानक निरस्त करना पड़ा। अब यदि मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर जाने का निर्णय लेते हैं, तो नई सूची तैयार करनी होगी, क्योंकि हाल ही में निवेश प्रोत्साहन विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
यात्रा के लिए होटल और फ्लाइट की बुकिंग पहले से की जा चुकी थी और शेंगेन वीजा भी मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को जारी कर दिए गए थे, जो अभी भी वैध हैं। हालांकि, इस दौरे को दोबारा आयोजित करने को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
केंद्र सरकार ने पहले ‘इन प्रिंसिपल’ अनुमति दिए जाने की बात कही थी, लेकिन औपचारिक मंजूरी समय पर जारी नहीं हुई। पिछले महीने विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री मान की यूके और इज़राइल यात्रा को भी राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार किया था। फिलहाल मुख्यमंत्री की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







