सूरजकुंड झूला हादसे के बाद हरियाणा सरकार लाएगी झूला सेफ्टी पॉलिसी

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला गिरने की दुखद घटना के बाद हरियाणा सरकार ने सुरक्षा कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य में “झूला सेफ्टी पॉलिसी” बनाई जाएगी, जो देश में इस तरह की पहली पॉलिसी होगी। इसका उद्देश्य झूलों और मनोरंजन सुविधाओं की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से कहा कि सूरजकुंड हादसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। इस घटना में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जो लोगों को बचाने की कोशिश में घायल हुए थे। हादसे के बाद झूला कमेटी के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं को दोबारा रोकने के लिए ठोस और असरदार कदम उठाए जाएंगे। सरकार हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। गंभीर रूप से घायल हर व्यक्ति को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और उन्हें उचित वित्तीय सहायता भी मिलेगी।
पॉलिसी से सुरक्षा सुनिश्चित होगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। सभी राइड्स और मनोरंजन उपकरणों का तकनीकी निरीक्षण, फिटनेस सर्टिफिकेशन और ऑपरेशनल सिस्टम पूरी तरह से रिव्यू किया जाएगा। यह पॉलिसी मनोरंजन सुविधाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी। सूरजकुंड मेले में हुए हादसे ने हजारों लोगों को सदमे में डाल दिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर कोऑपरेशन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और सोशल जस्टिस मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी मौजूद थे।







