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राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव: राज्यसभा में सत्ता और विपक्ष में तीखी नोकझोंक

आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद देखने को मिला। सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच गर्मागर्म बहस हुई। इस दौरान नड्डा ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘अबोध बालक’ करार दिया, जिससे खड़गे नाराज हो गए।

जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर लोकसभा की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि राज्यसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान देने के लिए पीयूष गोयल ने जानकारी साझा की। नड्डा ने विपक्ष को चेताया कि पार्टी को “अबोध बालक का बंधक” न बनाएं और लोकतांत्रिक तरीकों से ही काम करें। उन्होंने आगे कहा कि “अबोध और अहंकार का जोड़ बहुत घातक होता है।

वहीं, जेपी नड्डा के इस कटाक्ष पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द खंडनीय हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्ष को लोकसभा में बोलने का पूरा अवसर नहीं दिया गया और सत्ता पक्ष ने सदन में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की पार्टी तो ऐसी है जहां कोई बोल ही नहीं सकता और इसे मोदी सरकार ने नियंत्रित कर रखा है। इसके अलावा, खड़गे ने सत्ता पक्ष के लिए ‘बंधुआ मजदूर’ जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया, जिसे बाद में सभापति ने हटाने के निर्देश दिए। संपूर्ण चर्चा में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और कटाक्ष देखने को मिले, लेकिन चर्चा शांति पूर्ण तरीके से आगे बढ़ाई गई।

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