कांगड़ा में रोजगार संकल्प मेले के दौरान 1253 नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र, दो माह में 800 और भर्तियां होंगी: सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार 5 फरवरी को कांगड़ा जिला के पुलिस कॉलेज डरोह में आयोजित रोजगार संकल्प मेले के दौरान 1253 नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा कि इस बार पुलिस भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ करवाई गई है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पुलिस भर्ती के पेपर लीक हुए थे, जिसके चलते युवाओं के दबाव में भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस भर्ती परीक्षा पुलिस विभाग के बजाय हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाई। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी दो महीनों के भीतर 800 और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती करेगी। इससे हिमाचल प्रदेश पुलिस और अधिक सशक्त होगी तथा कानून व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
नौकरी नहीं, जिम्मेदारी और मिशन है पुलिस सेवा
सीएम सुक्खू ने कहा कि आज नवनियुक्त कांस्टेबल केवल नौकरी नहीं ले रहे हैं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी, पहचान और मिशन को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांति, संस्कृति और देवभूमि के लिए जाना जाता है और नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में हिमाचल प्रदेश पुलिस सबसे मजबूत स्तंभ है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल पुलिस देश की सबसे आधुनिक, तेज और भरोसेमंद पुलिस फोर्स में शामिल है। आपातकालीन सेवा ईआरएसएस-112 के तहत औसत प्रतिक्रिया समय में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। वहीं सीसीटीएनएस प्रणाली में पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
पुलिस वर्दी और पदोन्नति व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीएसएसओ के तहत हिमाचल पुलिस देशभर में लगातार पांचवें स्थान पर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुलिस वर्दी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि देश की प्रतिष्ठित कंपनियों से उच्च गुणवत्ता का कपड़ा खरीदा जाए। साथ ही पुलिस कांस्टेबलों की यूनिफॉर्म ग्रांट बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष से सभी भूतपूर्व सैनिकों को 10 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी हेड कांस्टेबल और 15 वर्ष की सेवा के बाद हॉनरेरी सहायक सब इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए बी-1 परीक्षा का निर्णय लिया गया है। हालांकि इस विषय में उच्च न्यायालय से अंतरिम स्थगन है, लेकिन सरकार पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी।
चिट्टा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 2149 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक हैं। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में जन आंदोलन शुरू किया गया है, जिसमें एंटी-चिट्टा अवेयरनेस वॉकथॉन एक अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त 12 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अन्य विभागों के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।







