बजट 2026 से हरियाणा को बड़ी सौगात: 7 जिलों में एयरपोर्ट, फार्मा हब, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

केंद्र सरकार के बजट 2026 में हरियाणा के सात जिलों को सीधे तौर पर बड़ा लाभ मिलता दिख रहा है। अंबाला, हिसार और करनाल की हवाई पट्टियों को सी-प्लेन संचालन के लिए विकसित किया जाएगा। वहीं गुरुग्राम और फरीदाबाद में विमान के पुर्जे बनाने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पंचकूला को फार्मा हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां पहले से एसोसिएटेड बायोफार्मा, बायोफार लाइफसाइंसेज और मेडरूट्स बायोफार्मा जैसी कंपनियां WHO मानकों के अनुसार टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण कर रही हैं। बजट में बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है, जिससे अनुसंधान और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और कैंसर व शुगर जैसी बीमारियों के लिए सस्ती दवाओं का उत्पादन संभव होगा।
सोनीपत के खरखौदा और गुरुग्राम के मानेसर स्थित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे नए निवेश आएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हिसार में बन रहे एयरपोर्ट को विमान मरम्मत और पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाया जाएगा। सरकार द्वारा विमान के पुर्जों पर टैक्स हटाने के फैसले से गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि हरियाणा विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
बजट में RRTS कॉरिडोर (दिल्ली–गुरुग्राम–फरीदाबाद) और EV चार्जिंग नेटवर्क के लिए भी फंडिंग का प्रावधान किया गया है। 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स के जरिए देशभर में सड़क, रेल और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जाएगी, जिसका सबसे अधिक लाभ हरियाणा को मिलने की संभावना है। RIDF और UIDF में बढ़ोतरी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए किए गए बड़े प्रावधान से हरियाणा के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी। MSME, स्टार्टअप और बायोफार्मा पर विशेष फोकस से राज्य के युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि MSME क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान, पुरातात्विक स्थलों के विकास और AI व क्वांटम मिशन में निवेश से हरियाणा को औद्योगिक, सांस्कृतिक और तकनीकी स्तर पर वैश्विक पहचान मिलेगी।







