Main Slideराष्ट्रीय

लोकसभा में राहुल गांधी के बयान से हंगामा, जानिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे का जीवन परिचय

संसद के सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय अचानक हंगामा शुरू हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का उल्लेख किया। साथ ही एक मैग्जीन आर्टिकल का हवाला देने की कोशिश की, जिसमें किताब की टाइपस्क्रिप्ट के कुछ अंश शामिल बताए गए थे। इस संदर्भ में सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।

जनरल एमएम नरवणे भारतीय सेना के 28वें प्रमुख रहे हैं। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को जनरल बिपिन रावत से थलसेना अध्यक्ष (COAS) का पदभार संभाला था। इसके बाद वह 15 दिसंबर 2021 से 30 अप्रैल 2022 तक चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अस्थायी चेयरमैन भी रहे। जनरल नरवणे का पूरा नाम मनोज मुकुंद नरवणे है। उनका जन्म 22 अप्रैल 1960 को पुणे में हुआ था। उनके पिता भारतीय वायुसेना में अधिकारी थे। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) पुणे और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त किया। डिफेंस स्टडीज में उन्होंने एमफिल की डिग्री भी हासिल की है।

जून 1980 में उन्हें सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में कमीशन मिला। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की दूसरी बटालियन, 106 इन्फैंट्री ब्रिगेड और असम राइफल्स की कमान संभाली। उन्होंने कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 16 दिसंबर 2019 को उन्हें जनरल बिपिन रावत का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके संस्मरण पर आधारित एक किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कुछ अंश प्रकाशित होने वाले थे। कई न्यूज एजेंसियों और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर इस किताब के प्री-ऑर्डर भी शुरू हो गए थे। इसे पेंगुइन द्वारा प्रकाशित किया जाना था, लेकिन सरकारी अनुमति न मिलने के कारण प्रकाशन रोक दिया गया। यह किताब उनके सैन्य जीवन के अनुभवों पर आधारित एक मेमोयर बताई जा रही है। किताब के प्रचार सामग्री में कहा गया था कि 2019 में जनरल नरवणे भारतीय सेना प्रमुख बने और शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका सफर चुनौतियों और रोमांचक अनुभवों से भरा रहा है।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close