मुस्लिम दुकानदार की जान बचाने वाले मोहम्मद दीपक पर FIR, बजरंग दल ने की थी शिकायत

उत्तराखंड के कोटद्वार में पटेल मार्ग पर स्थित एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से थाने तक पहुँच गया है। शुरुआत में कथित बदसलूकी और विरोध तक सीमित यह मामला अब पुलिस कार्रवाई और प्रशासन की सख्ती का कारण बन गया है। पौड़ी पुलिस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताई गई थी। आरोप है कि इस दौरान कुछ युवकों ने बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके विरोध में अगले दिन बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे। दूसरे जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने पहले शहर में जुलूस निकाला और बाद में मालवीय उद्यान में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारी संबंधित युवक के जिम के बाहर पहुंच गए। पुलिस को मौके पर अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा और काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। पुलिस की तत्परता से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
इस विवाद के बढ़ने के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। दुकानदार वकील अहमद की तहरीर पर दो नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दुकान का नाम बदलने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। वहीं कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और बयानबाजी को लेकर सख्त चेतावनी भी जारी की।
साथ ही मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कारकी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 191(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, फिलहाल दर्ज सभी धाराएं जमानती हैं। एसएसपी पौड़ी सर्वेश पवार ने बताया कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद के जरिए विवाद को शांत कराया जाए, ताकि समाज में वैमनस्य न फैले और शांति व्यवस्था बनी रहे।







