केंद्रीय बजट 2026 में कंटेंट क्रिएटर्स को बड़ा तोहफा, 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में बनेंगी कंटेंट क्रिएटर लैब

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 आज संसद में पेश होते ही देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। नौकरीपेशा वर्ग, व्यापारी, किसान और मिडिल क्लास की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बजट उनकी जेब को कितनी राहत देता है। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लोग यह जानना चाहते हैं कि इस बजट से उनकी आम जिंदगी कितनी आसान होगी और किन चीजों के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे।
इसी बीच बजट में युवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन एक तेजी से बढ़ती इंडस्ट्री के रूप में उभरेगी। उन्होंने बताया कि 2030 तक देश को करीब 20 लाख सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए विशेष लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है।
500 कॉलेजों और 15 हजार स्कूलों में बनेंगी कंटेंट क्रिएटर लैब
वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही इंडस्ट्री कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल की गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। खास तौर पर यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बना रहे युवाओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ‘कंटेंट हब’ के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
डिजिटल स्किल्स पर फोकस, रोजगार की तैयारी
कंटेंट क्रिएटर लैब की योजना सिर्फ स्कूल स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए देशभर के 500 कॉलेजों में आधुनिक लैब्स बनाई जाएंगी। इन लैब्स में वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, पॉडकास्टिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट से जुड़े आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
डिजिटल एडवर्टाइजिंग और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार छात्रों को डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक डिजिटल स्किल्स देने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंटेंट क्रिएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया यह निवेश न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार का यह कदम दूरदर्शी साबित हो सकता है।







