विकास को धरातल पर उतारने वाला होगा 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री सैनी

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य का वर्ष 2026-27 का बजट आम जनता की आवश्यकताओं, विश्वास और भविष्य की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जिसका असर केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि विकास कार्य ज़मीन पर साफ दिखाई दें और योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचे।
उन्होंने कहा कि आगामी बजट जन-अपेक्षाओं और सर्वसमाज के समग्र कल्याण पर केंद्रित होगा। इसके लिए प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने, तकनीकी नवाचार अपनाने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी सोच के तहत विभिन्न हितधारकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर बैठकों के माध्यम से हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को हरियाणा निवास में प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पिछले वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन विभागों की समीक्षा की गई, उनमें शिक्षा, विकास एवं पंचायत, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व, खनन एवं भू-विज्ञान, लोक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सहकारिता, जेल, विरासत एवं पर्यटन तथा खेल विभाग शामिल रहे।
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार पूरी निष्ठा से जनता के हित में कार्य कर रही है, इसलिए सरकार और प्रशासन को जनसेवा की भावना के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में घोषित योजनाओं और कार्यक्रमों को तय समय-सीमा में धरातल पर लागू करना सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आधारभूत ढांचा और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में गुणवत्ता सुधार और मजबूत सेवा वितरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बजट के माध्यम से विकास की रफ्तार तेज करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय और संतुलित विकास को भी सुनिश्चित किया जाएगा।






