दिल्ली में सुक्खू–गडकरी बैठक का बड़ा असर, सेब बेल्ट की सड़क होगी मजबूत

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की सड़क व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से बातचीत की। बैठक में प्रदेश की सड़कों और पुलों की मरम्मत व उन्नयन के लिए केंद्र से आर्थिक सहयोग की मांग रखी गई। इस पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
इस चर्चा का अहम नतीजा यह रहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल की एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह राशि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष से प्रदान की जाएगी। इस धन से छैला–नेरीपुल–यशवंत नगर–ओच्छघाट मार्ग को सुदृढ़ किया जाएगा। इस सड़क के बेहतर होने से प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों को खास फायदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बैठक के दौरान प्रदेश में सुरंगों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिमला से शालाघाट के बीच नई सुरंग और भगेड़ से हमीरपुर मार्ग पर भी सुरंग निर्माण का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंगें यातायात को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ यात्रा समय भी कम करेंगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पैकेज-4 के तहत प्रस्तावित फोरलेन परियोजना की डीपीआर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। इस पैकेज में चीलबाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के अंतिम छोर से भंगबार तक का हिस्सा शामिल है, साथ ही नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास भी इसी योजना का भाग होगा। इन योजनाओं से हमीरपुर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
बैठक में हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्वतीय राज्य होने के कारण सड़कों के रखरखाव पर अधिक खर्च आता है। भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कों को बार-बार नुकसान पहुंचता है, ऐसे में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग की जरूरत बनी रहती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हिमाचल के विकास में बेहतर सड़क संपर्क की अहम भूमिका है। उन्होंने माना कि अच्छी कनेक्टिविटी से पर्यटन और कृषि दोनों को बढ़ावा मिलेगा। दूर-दराज के इलाकों को जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही गई, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और बाजार तक आसान पहुंच मिल सके।
छैला–नेरीपुल–यशवंत नगर–ओच्छघाट सड़क के सुदृढ़ीकरण से सेब किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह इलाका प्रदेश के प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। बेहतर सड़क सुविधा से किसान अपनी उपज जल्दी और सुरक्षित तरीके से मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। इससे फलों की बर्बादी कम होगी, परिवहन खर्च घटेगा और किसानों को बेहतर दाम मिल पाएंगे। साथ ही, सड़क सुधार से पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।







