गणतंत्र दिवस पर सीएम मान का केंद्र पर हमला, चंडीगढ़ को बताया पंजाब का अभिन्न हिस्सा

होशियारपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा फहराने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर राज्य के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही पंजाब को उसकी राजधानी और अलग हाई कोर्ट से गैर-कानूनी तरीके से वंचित रखा गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के कई छोटे राज्यों के पास अपनी-अपनी हाई कोर्ट हैं, लेकिन पंजाब आज भी इससे वंचित है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मामलों की भारी संख्या के कारण आम नागरिकों को न्याय मिलने में वर्षों लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पंजाब अपने अधिकारों के लिए कानूनी और संवैधानिक लड़ाई हर स्तर पर जारी रखेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आजादी और संविधान की रक्षा में पंजाबियों की कुर्बानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे अधिक बलिदान पंजाब ने दिए हैं। किसान और सैनिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं के कारण पंजाब को देश का अन्नदाता और वीरों की धरती कहा जाता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस पूरे राज्य में ऐतिहासिक रूप से मनाया गया। उन्होंने कहा कि श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व 1 से 20 फरवरी 2027 तक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मान ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’, ‘गैंगस्टरों पर वार’ और नारको-ड्रोन के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पंजाब दोबारा विकास की राह पर लौट रहा है। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और राज्य में रिकॉर्ड निवेश बदले हुए पंजाब की तस्वीर पेश करते हैं।
मुख्यमंत्री ने मनरेगा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे अनुसूचित जाति वर्ग और बेजमीन परिवारों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने दोहराया कि पंजाब अपने हक और अधिकारों की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष करता रहेगा। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया, स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।







