गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया

आज देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के वीर सपूतों को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए सम्मानित किया। इन्हीं में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष मिशन Ax-4 के पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल रहे, जिन्हें राष्ट्रपति ने अशोक चक्र प्रदान किया। अशोक चक्र देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण साहस, निडरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया जाता है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को यह सम्मान उनके अद्वितीय योगदान और साहसिक उपलब्धियों के लिए मिला है।
पिछले वर्ष जून में शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने। उनकी यह 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा, कॉस्मोनॉट राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के 41 वर्ष बाद हुई एक फाइटर पायलट के रूप में शुभांशु शुक्ला के पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32 जैसे कई आधुनिक विमानों को उड़ाया है।
एक्सिओम-4 मिशन में पायलट की भूमिका निभाते हुए उन्होंने न केवल मिशन की सफलता में अहम योगदान दिया, बल्कि अंतरिक्ष में जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों का संचालन कर मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। मिशन की सफलता के बाद वे देशभर में प्रेरणा का प्रतीक बन गए और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से भी सराहना हासिल की। एक्सिओम-4 मिशन का संचालन अमेरिका की निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस ने किया था, जिसमें नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की भी भागीदारी रही।







