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अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का पिहोवा में समापन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहे मुख्य अतिथि

पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ में सरस्वती विकास बोर्ड की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुक्रवार को भव्य समापन हो गया। यह महोत्सव 19 जनवरी से प्रारंभ हुआ था। समापन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मां सरस्वती को पुष्प अर्पित कर नमन किया और प्रदेशवासियों को सरस्वती महोत्सव की शुभकामनाएं व बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पूरे देश में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसी दिन करनाल से अलग होकर कुरुक्षेत्र नए जिले के रूप में अस्तित्व में आया था। साथ ही बसंत पंचमी के पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का समापन भी हो रहा है, जो ऋतु परिवर्तन और बसंत के आगमन का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती के पुनरुद्धार से जुड़ी 63 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत वाली 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरस्वती महोत्सव हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरस्वती केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना का आधार भी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में सरस्वती नदी को पुनः प्रवाहित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्ष 2015 में हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की स्थापना की गई थी, जिसका उद्देश्य गहन शोध के माध्यम से सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करना है। पिछले दस वर्षों में सरस्वती नदी के मार्ग पर 18 नए पुलों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार 75 प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से सरस्वती नदी के पुनरुद्धार पर कार्य कर रही है। सरस्वती से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों को सरस्वती तीर्थ के रूप में विकसित करना सरकार का लक्ष्य है। नदी के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एक ऐतिहासिक समझौता भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरस्वती नदी के इतिहास और महत्व को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में सरस्वती नदी से संबंधित अध्याय को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरस्वती हेरिटेज प्रोजेक्ट अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला एक सतत विकास मिशन है।

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