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मजीठा में 23 ग्रामीण सड़कों का शिलान्यास, सीएम मान बोले—पंजाब डर और जबरन वसूली की राजनीति से बाहर निकल चुका है

मजीठा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब अब भय, जबरन वसूली और दबंगई की राजनीति से मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य के लोगों ने धमकी और डर पर आधारित राजनीति को नकारते हुए विकास, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने वाले शासन मॉडल को चुना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब लोगों को खामोश रहने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने आगाह किया कि यदि अकाली दल दोबारा सत्ता में लौटा तो इसका अर्थ होगा अतीत की उन घटनाओं की वापसी, जिनमें धार्मिक बेअदबियां और निर्दोष लोगों पर गोलियां चलीं। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद जनरल डायर को सम्मान देने की घटना को पंजाब के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात करार देते हुए कहा कि ऐसे कृत्य कभी भुलाए नहीं जा सकते।

मजीठा में विकास कार्यों की नई शुरुआत

सीएम मान ने कहा कि मजीठा में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से चल रही विकास परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि अब राजनीति का केंद्रबिंदु जनकल्याण बन चुका है। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, सड़कों का कायाकल्प और जनता के प्रति जवाबदेह प्रशासन ने पुरानी, सड़ी-गली राजनीति की जगह ले ली है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में आम लोग भय के वातावरण में जीते थे। झूठे मामलों और दबाव की राजनीति को हथियार बनाकर जनता को चुप कराया जाता था, जिसे पिछली सरकारों का संरक्षण प्राप्त था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और जनता ने ऐसे तौर-तरीकों को हमेशा के लिए खारिज कर दिया है।

डर की राजनीति को जनता ने किया खत्म

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठा और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक कुछ परिवारों द्वारा डर की राजनीति चलाई गई, लेकिन लोगों ने अब उस रास्ते को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जिन्होंने पंजाब के हितों के खिलाफ काम किया, उन्हें जनता ने कभी माफ नहीं किया और न ही करेगी। उन्होंने दोहराया कि अकाली दल की वापसी राज्य को फिर से अंधेरे दौर में ले जाने जैसी होगी, जहां धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाई गई और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया गया।

लापता सरूपों की जांच पर सरकार का रुख स्पष्ट

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली नेतृत्व की लापरवाही के चलते सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता सरूपों की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना है, न कि धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप करना।

उन्होंने यह भी कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ धार्मिक पदाधिकारी अपनी मूल जिम्मेदारियों की बजाय राजनीतिक गतिविधियों में अधिक रुचि लेते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनीतिक परिवार के हितों की सेवा नहीं करनी चाहिए, बल्कि गुरु साहिब की मर्यादा और शिक्षाओं का पालन करना चाहिए।

श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता पर जोर

मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि उनकी आस्था और निष्ठा किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से ऊपर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने बार-बार तख्त साहिब की गरिमा को ठेस पहुंचाई और जत्थेदारों की नियुक्ति व बर्खास्तगी को राजनीतिक हथियार बनाया।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत

मजीठा से एक अहम राजनीतिक घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी मजीठा से तलबीर सिंह गिल को मैदान में उतारेगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग केवल मांगें रखने तक सीमित न रहें, बल्कि निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ऐसी राजनीति का प्रतिनिधित्व करती है, जहां जनता शासक नहीं बल्कि साझेदार होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि मजीठा की जनता ऐसे प्रतिनिधि को चुनेगी जो विकास, जवाबदेही और ईमानदार शासन में विश्वास रखता हो, न कि भय और दबाव की राजनीति में।

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