ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन तेज, 646 मौतें, अमेरिका की एडवाइजरी, ट्रंप को ईरान की चेतावनी

ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। देशभर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स संगठनों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 646 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। करीब 10 हजार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बढ़ती हिंसा को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी की है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश देते हुए कहा है कि विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले सकते हैं, जिससे गिरफ्तारियां और जान-माल का नुकसान हो सकता है। एडवाइजरी में बताया गया है कि ईरान में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू है, कई सड़कें बंद हैं, सार्वजनिक परिवहन बाधित है और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध जारी है।
अमेरिका ने यह भी कहा कि मोबाइल, लैंडलाइन और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच सीमित कर दी गई है। कई एयरलाइंस ने ईरान आने-जाने वाली उड़ानें रद्द या सीमित कर दी हैं और कुछ ने 16 जनवरी तक सेवाएं निलंबित कर दी हैं। अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर हुए बिना ईरान छोड़ने की योजना बनाएं। सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते ईरान छोड़ने पर भी विचार करने को कहा गया है। जो लोग फिलहाल नहीं जा सकते, उन्हें सुरक्षित स्थानों में रहने और भोजन, पानी, दवाओं जैसी जरूरी चीजें जमा रखने की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने सरकार के समर्थन में निकाली गई रैलियों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह अमेरिकी नेताओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। उन्होंने कहा कि इन विशाल रैलियों ने विदेशी दुश्मनों की साजिशों को नाकाम कर दिया है और ईरानी जनता की मजबूती को दिखाया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप बहुत ज्यादा बोलते हैं और उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अमेरिका और इजराइल से हिसाब बराबर करने के लिए तैयार है।
वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत में दावा किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी सम्मान के आधार पर अमेरिका से बातचीत के लिए भी तैयार है और अगर जरूरत पड़ी तो युद्ध के लिए भी पूरी तरह सक्षम है। साथ ही उन्होंने हालिया अशांति के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया।







