सोनभद्र : दुद्धी से सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, आदिवासी राजनीति को बड़ा नुकसान

उत्तर प्रदेश के अंतिम विधानसभा क्षेत्र दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का गुरुवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में उनका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। उनके निधन से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
विजय सिंह गोंड ने 2024 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रवण गोंड को 3160 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दुद्धी सीट से रामदुलार गोड़ को 6297 मतों के अंतर से पराजित किया था। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल आरक्षित सीट है, जहां से वे लगातार सात बार विधायक चुने गए।
2017 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन लगभग तीन साल पहले भाजपा के पूर्व विधायक को दुष्कर्म के मामले में सजा मिलने के बाद हुए उपचुनाव में विजय सिंह गोंड ने सपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। वे सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके थे। उनके निधन को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
विजय सिंह गोंड को आदिवासी राजनीति का ‘पितामह’ कहा जाता था। दुद्धी और ओबरा विधानसभा सीट को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर काम करते हुए की थी और 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
1989 में उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर आदिवासी राजनीति में नया अध्याय लिखा। विभिन्न दलों से होते हुए वे लगातार सात बार विधायक रहे और आठवीं बार 2022 में विधानसभा पहुंचे। उन्होंने सदन में आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूती से उठाया और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार प्रयास किए। विजय सिंह गोंड के निधन से राजनीतिक, सामाजिक और विशेषकर आदिवासी समाज में गहरा शोक व्याप्त है। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके जाने को अपूरणीय क्षति बता रहे हैं।







